भाप के इंजन का आविष्कार किसने किया ।। Bhap Ke Engine Ka Avishkar Kisne Kiya » TheNewsBig

भाप के इंजन का आविष्कार किसने किया ।। Bhap Ke Engine Ka Avishkar Kisne Kiya

भाप के इंजन का आविष्कार किसने किया ।। Bhap Ke Engine Ka Avishkar Kisne Kiya क्या आप जानते है, यदि नहीं तो आप इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें , आपको सबकुछ सही से समझ आ जायेगा।

भाप में बहुत बड़ी ताकत होती है यह बात बालक जेम्स वाट (james watt invention) ने बचपन में ही चाय की केतली के ऊपर के ढक्कन को भापउसकेकी ताकत से हिलते  डुलते देख ली थी। बालक जेम्स वाट एक ऐसे  विज्ञानिक और इंजीनियर बने, जिन्होंने अपने बचपन का सपना पूरा कर लिया और एक ऐसा स्टीम इंजन बनाया जिसकी ताकत ने पूरी दुनिया को बदल दिया। उनके आविष्कार स्ट्रीम इंजन के बाद कई तरह के इलेक्ट्रिक इंजन बने।

भाप से चलने वाला इंजन की ताकत इतनी शक्तिशाली थी कि अपने पीछे कई डिब्बों को चलाने लगी जिस कारण से एक बड़ी औद्योगिक क्रांति हुई एक स्थान से दूसरे स्थान तक आने जाने का सफर रेलगाड़ी के माध्यम से आसान हुआ तो वहीं दूसरी ओर माल (Objects) ढोने का क्रांतिकारी युग की शुरुआत हुई जिसमें कोयला, लोहा, खाद पदार्थ इत्यादि यहां से वहां ले जाना आसान हो गया।

जेम्स वाट का स्टीम इंजन भाप से चलने वाला इंजन

वाष्प इंजन का आविष्कार कब हुआ? 1698 ई. में मार्क्सेव देला पोर्ता के कहने पर टामस सेवरी ने पानी चढ़ाने की एक मशीन में वास इंजन का प्रयोग  किया। इस तरह से सेवरी पहला व्यक्ति था जिसने कमर्शियल इस्तेमाल के लिए सबसे पहले भाग का इंजन बनाया जिसका उपयोग और खादान में पानी निकालने और कुएं से पानी खींचने में काम आता था।  एक भाप इंजन बनाया, जिसका उपयोग खदानों में से पानी उलीचने और कुओं में से पानी निकालने में हुआ। (who’s james watt) जेम्स वाट ऐसे पहले व्यक्ति थे जिन्होंने 1712 में दुनिया का पहला  स्टीम इंजन बनाया।

 उन्होंने इंग्लैंड में कोयले की खान में स्थापित किया था। न्यूकॉमन की मृत्यु के समय, उनके 100 इंजन स्थापित किए गए थे। स्कॉटिश इंजीनियर जेम्स वाट ने एक अलग कंडेनसर जोड़कर न्यूकॉमन के प्रारंभिक चरण के मॉडल पर सुधार किया।

जेम्स वॉट इंजन कैसे काम करता है?

जेम्स वाट ने बनाये हुए इंजन में भाप को इकट्ठा करने के लिए एक कंडेनसर लगाया था। यह कंडेनसर जीरो दबाव वाला था। जिससे पिस्टन ऊपर नीचे गति करता था। इसमें पानी डालने की आवश्यकता नहीं होती थी। शून्य दबाव बनाये रखने के लिए पिस्टन की पेकिंग को दुरुस्त और मजबूत किया।

 एक Air pump भी लगाया। इस कारण से इंजन और पावरफुल हो गया। एनर्जी और बाप की बचत होने लगी। James watt के इस इम्प्रूवमेंट से भाप का इंजन न्यूकोमन के इंजन से अधिक ताकतवर हो गया है इस शक्तिशाली इंजन से मशीनी काम कराना आसान हो गया। 

उम्मीद करता हूं कि आप सभी को hap Ke Engine Ka Avishkar Kisne Kiya के बारे में ऊपर दी गयी जानकारी पसंद आयी होगी। अगर जानकारी हेल्पफुल लगी तो आर्टिकल को शेयर करें साथ ही अपने विचारों को कमेंट करके भी व्यक्त कर सकते है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.